पटना। परिवारवाद के आरोपों से जूझ रहे उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) में अंदरूनी खटपट की चर्चा तेज हो गई है। पार्टी के तीन विधायक 25 दिसंबर को आयोजित चर्चित लिट्टी-चोखा पार्टी में नजर नहीं आए। इसी दिन तीनों विधायक पटना से दिल्ली रवाना हो गए और वहां भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की। इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद बिहार की सियासत में हलचल मच गई है।
आरएलएम विधायकों की इस दूरी को पार्टी के भीतर बढ़ती नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है। पहले से ही उपेंद्र कुशवाहा पर बेटे दीपक प्रकाश को बिना चुनाव लड़े मंत्री बनाने को लेकर परिवारवाद के आरोप लगते रहे हैं। ऐसे में विधायकों की गैरहाजिरी और दिल्ली दौरे को महज संयोग मानने से कई लोग इनकार कर रहे हैं।
दिलचस्प बात यह है कि पार्टी सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा इस मुद्दे पर कोई चर्चा करने को तैयार नहीं दिखे। जब पत्रकारों ने उनसे आरएलएम विधायकों की नाराजगी को लेकर सवाल पूछा तो वे भड़क गए और सवाल को ही टाल दिया। उनके इस रवैये ने भी अटकलों को और हवा दे दी है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि आरएलएम के भीतर असंतोष गहराता जा रहा है और आने वाले दिनों में यह खुलकर सामने आ सकता है। हालांकि, पार्टी नेतृत्व की ओर से अब तक किसी तरह की आधिकारिक प्रतिक्रिया या स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह महज अस्थायी नाराजगी है या फिर आरएलएम में किसी बड़े राजनीतिक फेरबदल की भूमिका तैयार हो रही है।
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