साल का आख़िरी सोमवार भगवान शिव की आराधना के लिए बेहद विशेष माना जाता है। इस दिन की गई पूजा, व्रत और अभिषेक से शिव कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं। मान्यता है कि साल के अंतिम सोमवार को भोलेनाथ की सच्चे मन से की गई उपासना पुराने कष्टों को दूर कर नए वर्ष के लिए सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करती है।
क्यों खास है साल का आख़िरी सोमवार?
शिवपुराण के अनुसार सोमवार का दिन स्वयं शिव को समर्पित है। साल का अंतिम सोमवार आत्मचिंतन, प्रायश्चित और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इस दिन जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और भस्म से किया गया अभिषेक विशेष फलदायी होता है।
क्या करें इस दिन?
- प्रातः स्नान कर शिवलिंग पर जल अर्पित करें
- “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें
- संभव हो तो सोमवार व्रत रखें
- शिव चालीसा या महामृत्युंजय मंत्र का पाठ करें
क्या न करें?
- क्रोध और कटु वचन से बचें
- झूठ और छल का त्याग करें
- मन में नकारात्मक भाव न रखें
साल के इस अंतिम सोमवार को शिव भक्ति में लीन होकर जीवन में शांति, स्वास्थ्य और सफलता की कामना करें।
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