पटना। साइबर अपराध के खिलाफ गठित विशेष टीम लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। यह टीम संदिग्ध मोबाइल नंबर, वेबसाइट और यूआरएल को ट्रैक करते हुए साइबर अपराध के मूल स्रोत तक पहुंचने में जुटी है। तकनीकी निगरानी और इनपुट के आधार पर टीम न सिर्फ नेटवर्क को तोड़ रही है, बल्कि साइबर अपराधियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी भी कर रही है।
दूरसंचार कंपनियों के सहयोग से अब तक साइबर अपराध में इस्तेमाल हो रहे करीब 9300 मोबाइल नंबर और लगभग 4000 आईएमईआई नंबर को ब्लॉक कराया जा चुका है। अधिकारियों के अनुसार, इन नंबरों का इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, बैंकिंग फ्रॉड और अन्य साइबर अपराधों में किया जा रहा था।
टीम का कहना है कि साइबर अपराधियों पर नकेल कसने के लिए तकनीक के साथ-साथ टेलीकॉम कंपनियों और अन्य एजेंसियों के समन्वय से आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। आम लोगों से भी अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या वेबसाइट की सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें।
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