पटना। बिहार की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव के एक बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। उन्होंने दावा किया है कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के लगभग सभी विधायक बीजेपी के संपर्क में हैं और आने वाले समय में बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिल सकता है।
क्या बोले रामकृपाल यादव?
रामकृपाल यादव ने कहा कि राजद के विधायक अपनी पार्टी और नेतृत्व से असंतुष्ट हैं। उन्होंने यहां तक दावा कर दिया कि
“राजद के अधिकतर विधायक बीजेपी में आने को तैयार हैं। तेजस्वी यादव का नेतृत्व कमजोर साबित हुआ है।”
उनके इस बयान को सीधे तौर पर तेजस्वी यादव की राजनीतिक पकड़ पर सवाल के रूप में देखा जा रहा है।
तेजस्वी यादव पर सीधा हमला
रामकृपाल यादव ने तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि राजद अब परिवारवाद और आंतरिक कलह का शिकार हो चुकी है। उनके अनुसार, विधायक भविष्य की राजनीति को देखते हुए एनडीए की ओर रुख कर रहे हैं।
राजद की प्रतिक्रिया
रामकृपाल यादव के दावे पर राजद की ओर से तीखी प्रतिक्रिया भी सामने आई है। पार्टी नेताओं ने इस बयान को
- बेहूदा
- भ्रम फैलाने वाला
- राजनीतिक दबाव बनाने की रणनीति
बताते हुए साफ कहा है कि राजद का कोई भी विधायक पार्टी छोड़ने वाला नहीं है और सभी तेजस्वी यादव के नेतृत्व में एकजुट हैं।
सियासी बयान या बड़ा संकेत?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बयान फिलहाल राजनीतिक मनोबल तोड़ने की कोशिश हो सकता है। हालांकि बिहार की राजनीति में पहले भी दल-बदल और अचानक बड़े फैसले देखने को मिले हैं, इसलिए इन दावों को पूरी तरह नज़रअंदाज़ भी नहीं किया जा सकता।
बिहार की राजनीति में बढ़ा तापमान
आगामी चुनावों और सत्ता समीकरणों को देखते हुए यह बयान बेहद अहम माना जा रहा है। यदि वास्तव में राजद विधायकों में टूट होती है, तो यह बिहार की राजनीति की दिशा बदल सकता है। वहीं, अगर यह केवल बयानबाज़ी साबित होती है, तो इससे राजद को सहानुभूति भी मिल सकती है।
आगे क्या?
फिलहाल सभी की निगाहें
- राजद विधायकों की गतिविधियों
- तेजस्वी यादव की रणनीति
- और एनडीए के अगले कदम
पर टिकी हुई हैं।
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