पटना।
अब बैंक खाते में किसी दूसरे व्यक्ति का मोबाइल नंबर देने से काम नहीं चलेगा। जनवरी से बैंकिंग व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया जा रहा है, जिसके तहत खाते में वही मोबाइल नंबर दर्ज होगा जो खाताधारी के नाम से जारी सिम से जुड़ा होगा। इस नियम का सीधा संबंध आधार अपडेट और बैंकिंग सुरक्षा से जोड़ा गया है।
क्या है नई व्यवस्था?
अब तक कई मामलों में बैंक खाते में परिवार के किसी सदस्य या परिचित का मोबाइल नंबर दर्ज कर लिया जाता था। लेकिन जनवरी से:
- नये बैंक खाताधारी को अपना ही मोबाइल नंबर देना होगा
- बैंक खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर खाताधारी के आधार कार्ड से लिंक होना अनिवार्य होगा
- जिसके नाम से सिम है, उसी का आधार अपडेट किया जाएगा
आधार अपडेट के लिए उमड़ रही भीड़
इस बदलाव के बाद आधार अपडेट केंद्रों पर भारी भीड़ देखी जा रही है।
आंकड़ों के अनुसार:
- रोजाना करीब 10 हजार लोग आधार में मोबाइल नंबर अपडेट करा रहे हैं
- सबसे ज्यादा भीड़ शहरी इलाकों के आधार सेवा केंद्रों में है
- ग्रामीण क्षेत्रों में भी जीविका दीदियों और कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से अपडेट कराया जा रहा है
क्यों जरूरी है यह बदलाव?
सरकार और बैंकिंग एजेंसियों के अनुसार इस कदम से:
- फर्जी खातों पर रोक लगेगी
- डिजिटल धोखाधड़ी और साइबर फ्रॉड में कमी आएगी
- DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) और OTP आधारित सेवाएं अधिक सुरक्षित होंगी
खाताधारियों के लिए सलाह
- यदि आपके बैंक खाते में किसी और का मोबाइल नंबर दर्ज है, तो जल्द से जल्द बैंक जाकर अपडेट कराएं
- आधार कार्ड में भी अपना सक्रिय मोबाइल नंबर लिंक जरूर कराएं
- नहीं तो भविष्य में बैंकिंग सेवाओं, सब्सिडी और सरकारी योजनाओं का लाभ रुक सकता है
बैंक और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जनवरी से पहले यह प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि किसी तरह की परेशानी न हो।
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