पटना।
मोकामा एक बार फिर बिहार की राजनीति के केंद्र में आ गया है। इसकी वजह हैं बाहुबली विधायक अनंत सिंह के बेटे अभिषेक सिंह और अंकित सिंह, जिनकी हालिया राजनीतिक सक्रियता ने सियासी गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। रविवार को अनंत सिंह की पत्नी और पूर्व विधायक नीलम देवी अपने दोनों बेटों के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने पहुंचीं। इसे औपचारिक शिष्टाचार भेंट बताया गया, लेकिन राजनीतिक जानकार इसे आने वाले बड़े बदलावों का संकेत मान रहे हैं।
खास बात यह है कि मुख्यमंत्री से मुलाकात से ठीक एक दिन पहले नीलम देवी और उनके दोनों बेटे केंद्रीय मंत्री और जदयू के वरिष्ठ नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह से भी मिले थे। जदयू के दो शीर्ष नेताओं से लगातार हुई इन मुलाकातों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या मोकामा की राजनीति में अब नई पीढ़ी को आगे लाने की रणनीति बन चुकी है।
अनंत सिंह जहां अपने दबंग तेवर, बेबाक बयानों और पारंपरिक राजनीति के लिए जाने जाते रहे हैं, वहीं उनके बेटे अभिषेक और अंकित की छवि उनसे काफी अलग बताई जा रही है। दोनों ने नोएडा स्थित एक निजी विश्वविद्यालय से राजनीतिक विज्ञान की पढ़ाई की है और इसके बाद विदेश में उच्च शिक्षा भी प्राप्त की है। हाल के महीनों में सामाजिक और सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनकी बढ़ती मौजूदगी ने सियासी अटकलों को और तेज कर दिया है।
मोकामा विधानसभा क्षेत्र हमेशा से बिहार की सत्ता राजनीति में अहम भूमिका निभाता रहा है। जटिल जातीय समीकरण, दबदबा रखने वाले नेता और रणनीतिक महत्व के कारण यहां की राजनीति का असर अक्सर पूरे प्रदेश की राजनीति पर पड़ता है। ऐसे में जदयू के लिए मोकामा सीट को साधे रखना बेहद जरूरी माना जा रहा है।
फिलहाल न तो जदयू की ओर से और न ही अनंत सिंह परिवार की तरफ से किसी राजनीतिक एंट्री को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा की गई है, लेकिन लगातार हो रही इन मुलाकातों ने यह साफ संकेत दे दिया है कि मोकामा की सियासत में जल्द ही नई पटकथा लिखी जा सकती है।
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