पटना।
बिहार की राजनीति में राज्यसभा की खाली हो रही सीटों को लेकर एनडीए गठबंधन के भीतर हलचल तेज हो गई है। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के संरक्षक और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने अपनी राज्यसभा दावेदारी पर सवाल उठाने वाले उपेंद्र कुशवाहा को कड़ा जवाब दिया है। मांझी के बयान के बाद गठबंधन के भीतर खींचतान खुलकर सामने आ गई है।
मांझी ने स्पष्ट किया अपना पक्ष
जीतन राम मांझी ने कहा कि राज्यसभा सीट को लेकर उनका बयान किसी पर दबाव बनाने के लिए नहीं था, बल्कि यह उनकी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन के लिए एक सुझाव मात्र था। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उनकी मांग पूरी तरह जायज है और इसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
कुशवाहा की टिप्पणी पर नाराजगी
विवाद की शुरुआत तब हुई जब उपेंद्र कुशवाहा ने मांझी की राज्यसभा सीट की मांग को अनुचित करार दिया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मांझी ने कहा,
“उपेंद्र कुशवाहा एक परिपक्व (मैच्योर) राजनेता हैं, उन्हें मेरी जायज मांग पर ऐतराज नहीं जताना चाहिए था।”
मांझी ने कुशवाहा के बयान को अनावश्यक बताते हुए कहा कि ऐसे बयानों से गठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़े होते हैं।
एनडीए में बढ़ती खींचतान
राज्यसभा सीटों को लेकर एनडीए के घटक दलों के बीच पहले से ही अंदरूनी मंथन चल रहा है। मांझी और कुशवाहा के बीच बयानबाजी ने यह संकेत दे दिया है कि सीट बंटवारे को लेकर आने वाले दिनों में सियासी तापमान और बढ़ सकता है।
अब देखना यह होगा कि एनडीए नेतृत्व इस विवाद को कैसे सुलझाता है और राज्यसभा सीटों पर अंतिम फैसला किसके पक्ष में जाता है।
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