अब दाखिल-खारिज, परिमार्जन सहित अन्य भूमि संबंधी कार्यों के लिए किसानों और भूमिधारकों को भटकना नहीं पड़ेगा। राजस्व विभाग के निर्देश पर RTPS (लोक सेवा अधिकार) काउंटर पर CSE (कॉमन सर्विस एंट्रेंस) काउंटर की सुविधा शुरू की जा रही है। इस नई व्यवस्था से आम लोगों को एक ही स्थान पर निर्धारित सरकारी शुल्क पर आवेदन जमा करने की सुविधा मिलेगी।
राजस्व विभाग के अनुसार, अब तक भूमि से जुड़े कार्यों के लिए किसानों को अलग-अलग कार्यालयों और निजी साइबर कैफे के चक्कर लगाने पड़ते थे, जहां मनमाना शुल्क भी वसूला जाता था। नई व्यवस्था लागू होने से यह समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी और पारदर्शिता के साथ समयबद्ध सेवा सुनिश्चित होगी।
क्या होंगे फायदे?
- दाखिल-खारिज, परिमार्जन, जमाबंदी सुधार जैसे कार्यों के लिए एक ही काउंटर पर आवेदन
- सरकारी दर पर शुल्क, अतिरिक्त पैसे देने की मजबूरी नहीं
- दलालों और बिचौलियों पर लगेगी रोक
- ग्रामीण और दूर-दराज़ के किसानों को मिलेगी सीधी राहत
- आवेदन की स्थिति की ऑनलाइन ट्रैकिंग की सुविधा
कब से होगी शुरुआत?
राजस्व विभाग ने सभी जिलों को निर्देश जारी कर दिए हैं और जल्द ही RTPS काउंटरों पर CSE सुविधा पूरी तरह से शुरू कर दी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इससे भूमि विवादों में भी कमी आएगी और रिकॉर्ड सुधार की प्रक्रिया तेज होगी।
यह पहल राज्य सरकार की डिजिटल और जनहितकारी प्रशासन की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, जिससे किसानों और भूमिधारकों का समय, पैसा और मेहनत तीनों की बचत होगी।
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