साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। चालान, केवाईसी अपडेट, बैंक अलर्ट या डिलीवरी के नाम पर आने वाले फर्जी SMS और लिंक लोगों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। हैदराबाद का हालिया मामला इसी का उदाहरण है, जहां एक फेक ट्रैफिक चालान मैसेज पर क्लिक करते ही खाते से 6 लाख रुपये उड़ गए। ऐसे में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।
🛑 फेक चालान और साइबर ठगी से बचने के जरूरी उपाय
1️⃣ अनजान लिंक पर बिल्कुल क्लिक न करें
अगर SMS, WhatsApp या ई-मेल में कोई लिंक आए, खासकर चालान या पेनल्टी के नाम पर, तो उस पर क्लिक करने से बचें।
2️⃣ चालान हमेशा ऑफिशियल वेबसाइट पर ही जांचें
ट्रैफिक चालान की जानकारी के लिए केवल
👉 https://echallan.parivahan.gov.in
जैसी सरकारी वेबसाइट या आधिकारिक ऐप का ही उपयोग करें।
3️⃣ SMS भेजने वाले नंबर पर ध्यान दें
सरकारी मैसेज आमतौर पर शॉर्ट कोड या अधिकृत ID से आते हैं। मोबाइल नंबर या अजीब ID से आए मैसेज पर शक करें।
4️⃣ कभी भी OTP, UPI पिन या बैंक डिटेल साझा न करें
कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या मैसेज पर आपसे OTP या पिन नहीं मांगती।
5️⃣ फोन में अनजान ऐप इंस्टॉल न करें
लिंक पर क्लिक करने से कई बार फोन में खतरनाक सॉफ्टवेयर (Malware) इंस्टॉल हो जाता है, जिससे ठग फोन कंट्रोल कर लेते हैं।
6️⃣ मोबाइल और ऐप्स को अपडेट रखें
फोन का सॉफ्टवेयर और बैंकिंग ऐप्स हमेशा लेटेस्ट वर्जन में रखें।
7️⃣ ठगी होने पर तुरंत शिकायत करें
अगर गलती से आप ठगी का शिकार हो जाएं तो तुरंत
📞 1930 पर कॉल करें या
🌐 cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
⚠️ याद रखें
जल्दीबाजी, डर और लालच — साइबर ठग इन्हीं तीन चीजों का फायदा उठाते हैं। कोई भी भुगतान करने से पहले दो बार सोचें और जानकारी की पुष्टि जरूर करें।
सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।
देश, बिहार और साइबर सुरक्षा से जुड़ी ऐसी ही जरूरी खबरों के लिए पढ़ते रहिए मिथिला हिन्दी न्यूज