पटना।
बिहार में महिलाओं को 10 हजार रुपये की सहायता देने वाली मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना को लेकर फैल रही अफवाहों पर अब विराम लग गया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि यह योजना बंद नहीं हुई है और जनवरी 2026 तक पूरी तरह सक्रिय है। सरकार इसके अगले चरणों की भी तैयारी कर रही है।
नई एंट्री के आवेदन और पोर्टल फिलहाल बंद
हालांकि इस योजना के तहत नई महिलाओं के आवेदन फिलहाल बंद कर दिए गए हैं। सरकार द्वारा संचालित ऑनलाइन पोर्टल को 31 दिसंबर 2025 को अस्थायी रूप से बंद किया गया है।
चुनाव के दौरान महिलाओं की बंपर वोटिंग और एनडीए की प्रचंड जीत के पीछे इस योजना की अहम भूमिका मानी जा रही है, क्योंकि लाखों महिलाओं को सीधे आर्थिक सहायता मिली थी।
योजना जारी है, पैसा मिलना जारी रहेगा
ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने स्पष्ट कहा है कि योजना को बंद करने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
उन्होंने बताया कि जिन महिलाओं को इस योजना के लिए पहले से स्वीकृति मिल चुकी है, उनके बैंक खातों में 10,000 रुपये की राशि लगातार भेजी जा रही है।
10 हजार रुपये वापस नहीं करने होंगे
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहले ही यह स्पष्ट कर चुके हैं कि इस योजना के तहत मिलने वाली 10 हजार रुपये की राशि अनुदान (Grant) है,
जिसे लाभार्थी महिलाओं को कभी वापस नहीं करना होगा। यह ऋण नहीं, बल्कि स्वरोजगार के लिए सीधी सहायता है।
दूसरे चरण में मिल सकते हैं 2 लाख रुपये
सरकार ने यह भी ऐलान किया है कि जिन महिलाओं ने 10 हजार रुपये की पहली किस्त से अपना रोजगार सफलतापूर्वक शुरू कर लिया है,
उनकी समीक्षा के बाद उन्हें 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त आर्थिक सहायता दी जा सकती है, ताकि वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें।
1.5 करोड़ महिलाओं को मिल चुका है लाभ
अब तक राज्य की लगभग 1.5 करोड़ महिलाओं के खातों में 10-10 हजार रुपये सीधे ट्रांसफर किए जा चुके हैं।
यह योजना बिहार में महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
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