बिहार में सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वालों की संख्या कम करने के लिए राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। अब निजी एम्बुलेंस को भी एकीकृत आपातकालीन नंबर 112 से जोड़ा जाएगा। इस संबंध में पहले लिए गए फैसले पर अमल शुरू हो गया है। परिवहन विभाग ने स्वास्थ्य विभाग को जल्द कार्रवाई करने का निर्देश दिया है, ताकि सड़क हादसों में घायलों को बिना देरी अस्पताल पहुंचाया जा सके।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक हाल ही में परिवहन सचिव राज कुमार ने सड़क दुर्घटनाओं की समीक्षा की थी। समीक्षा के दौरान चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। इसमें पाया गया कि मिजोरम के बाद बिहार देश का दूसरा ऐसा राज्य है, जहां सड़क दुर्घटनाओं में सबसे अधिक मौतें हो रही हैं। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि इसका एक बड़ा कारण राज्य में एम्बुलेंस की कमी है।
सरकार का मानना है कि निजी एम्बुलेंस को 112 नेटवर्क से जोड़ने पर आपात स्थिति में नजदीकी उपलब्ध एम्बुलेंस को तुरंत मौके पर भेजा जा सकेगा। इससे गोल्डन ऑवर के दौरान घायलों को इलाज मिल पाएगा और कई की जान बचाई जा सकेगी।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से निजी एम्बुलेंस संचालकों की सूची तैयार कर उन्हें सिस्टम से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। साथ ही एम्बुलेंस की जवाबदेही और समय पर सेवा सुनिश्चित करने के लिए निगरानी व्यवस्था भी मजबूत की जाएगी।
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