पटना।
बिहार राज्य के उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा द्वारा विभाग की कमान संभालने के बाद राजस्व सेवाओं में लगातार सुधार किए जा रहे हैं। इन सुधारों का मुख्य उद्देश्य आमजन, विशेषकर रैयतों को पारदर्शी, सरल और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें सरकारी दफ्तरों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें।
इसी दिशा में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने एक बड़ा और जनहितकारी निर्णय लिया है। अब राजस्व अभिलेखों (नकल) की सत्यापित प्रति प्राप्त करने के लिए लोगों को अंचल कार्यालय या अन्य सरकारी कार्यालयों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। कोई भी नागरिक अब घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से डिजिटल हस्ताक्षर युक्त सत्यापित प्रति प्राप्त कर सकेगा।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, यह सुविधा पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी होगी। डिजिटल हस्ताक्षर युक्त नकल सभी सरकारी एवं कानूनी कार्यों में मान्य होगी। इससे न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि भ्रष्टाचार और बिचौलियों की भूमिका पर भी प्रभावी रोक लगेगी।
राजस्व विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था से विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के रैयतों, बुजुर्गों और दूर-दराज के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। जमीन से जुड़े मामलों में अब दस्तावेज प्राप्त करना आसान, तेज और भरोसेमंद होगा।
सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में जमीन से संबंधित अधिकतर सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल कर दिया जाए, ताकि आम नागरिकों को त्वरित और परेशानी-मुक्त सेवाएं मिल सकें।
राज्य सरकार के इस फैसले को डिजिटल बिहार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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