सुपौल। नेपाल सीमा से सटे सुपौल जिले के गौसपुर इलाके से एक बड़े साइबर ठगी रैकेट का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि साइबर शातिरों ने यहां अवैध तरीके से समानांतर फोन एक्सचेंज खोल रखा था, जिसके जरिए पूरे देश में ठगी की जा रही थी। इस रैकेट में करीब 1400 फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल किया जा रहा था।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, इन सिम कार्डों में से अधिकांश वैशाली और मुजफ्फरपुर जिले के लोगों के नाम पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लिए गए थे। आरोपी सिम बॉक्स तकनीक का इस्तेमाल कर अंतरराष्ट्रीय कॉल को लोकल वॉयस कॉल में बदल देते थे, जिससे कॉल की पहचान छिप जाती थी और ठगी को अंजाम देना आसान हो जाता था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए CBI ने जांच अपने हाथ में ले ली है। जांच एजेंसी यह भी पड़ताल कर रही है कि इस अवैध फोन एक्सचेंज का इस्तेमाल केवल साइबर ठगी तक सीमित था या इसके जरिए देश विरोधी गतिविधियों को भी अंजाम दिया गया।
सूत्रों के अनुसार, नेपाल सीमा से सटे इलाके होने के कारण इस नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय लिंक होने की भी आशंका जताई जा रही है। CBI के साथ-साथ अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी पूरे नेटवर्क, सिम कार्ड जारी करने वाले एजेंटों और संभावित मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी हैं।
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