साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण मार्च महीने में पड़ने जा रहा है। यह ग्रहण 3 मार्च 2026 (मंगलवार) को लगेगा और खास बात यह है कि यह पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा। चूंकि यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा, इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य होगा।
⏰ चंद्र ग्रहण का समय (भारतीय समयानुसार)
- ग्रहण की शुरुआत: दोपहर 2 बजकर 16 मिनट
- ग्रहण का समापन: शाम 7 बजकर 52 मिनट
- भारत में दृश्य समय: शाम 6:26 से 6:46 बजे तक
- पूर्ण चंद्र ग्रहण की अवस्था इसी दौरान देखने को मिलेगी
🕉️ सूतक काल रहेगा मान्य
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब कोई ग्रहण भारत में दिखाई देता है तो उसका सूतक काल भी माना जाता है। सूतक काल के दौरान पूजा-पाठ, देवी-देवताओं को स्पर्श करना और शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं। ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान और शुद्धिकरण की परंपरा निभाई जाती है।
🤰 गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष सावधानियाँ
ग्रहण काल के दौरान गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। मान्यताओं के अनुसार:
- ग्रहण के समय बाहर निकलने से बचें
- नुकीली वस्तुओं का प्रयोग न करें
- भगवान का ध्यान या मंत्र जाप करें
- ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करें
हालांकि ये नियम धार्मिक आस्था से जुड़े हैं, फिर भी परंपरागत रूप से इनका पालन किया जाता है।
🔭 खगोलीय दृष्टि से भी खास
खगोलीय दृष्टिकोण से पूर्ण चंद्र ग्रहण एक दुर्लभ और रोचक घटना होती है। इस दौरान चंद्रमा पर लालिमा छा जाती है, जिसे आमतौर पर “ब्लड मून” भी कहा जाता है। मौसम साफ रहने पर भारत के कई हिस्सों में यह नज़ारा साफ तौर पर देखा जा सकेगा।
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