प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 8वें वेतन आयोग को मंजूरी दे दी है। यह आयोग 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जाएगा। इस फैसले से केंद्र सरकार में कार्यरत कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
8वें वेतन आयोग का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार के कर्मचारियों और रिटायर कर्मियों के वेतन, भत्तों और पेंशन की समीक्षा कर उनमें संशोधन करना है। आयोग वेतन संरचना को वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों और बढ़ती महंगाई के अनुरूप तैयार करेगा, ताकि कर्मचारियों की क्रय शक्ति बनी रहे।
वेतन वृद्धि और फिटमेंट फैक्टर पर नजर
कर्मचारियों की नजर खासतौर पर फिटमेंट फैक्टर पर टिकी हुई है, जिसके आधार पर न्यूनतम और अधिकतम वेतन में बढ़ोतरी तय होती है। माना जा रहा है कि नए वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर बढ़ने से कर्मचारियों की सैलरी में अच्छी-खासी बढ़ोतरी हो सकती है।
पेंशन और डीए में भी होगा बदलाव
8वें वेतन आयोग के तहत पेंशनभोगियों की पेंशन में भी संशोधन किया जाएगा। इसके साथ ही, बढ़ती महंगाई को ध्यान में रखते हुए महंगाई भत्ता (DA) की गणना और समायोजन पर भी आयोग विचार करेगा। इससे कर्मचारियों और पेंशनर्स दोनों को महंगाई के असर से राहत मिलेगी।
लाखों कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
इस फैसले से केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारी और रिटायर कर्मी लाभान्वित होंगे। माना जा रहा है कि वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद सरकारी कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और बाजार में मांग भी बढ़ेगी।
आने वाले समय में सरकार आयोग के गठन, शर्तों और सिफारिशों की समय-सीमा को लेकर विस्तृत जानकारी साझा कर सकती है।
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