संवाद
नई दिल्ली। भारतीय सेना के लिए गर्व का क्षण है। कर्नल सोफिया कुरैशी को 2026 के गणतंत्र दिवस के अवसर पर देश के प्रतिष्ठित सैन्य सम्मानों में से एक विशिष्ट सेवा मेडल (VSM) से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उन्हें 2025 में पाकिस्तान-आधारित आतंकवादियों के खिलाफ चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान उनके अनुकरणीय नेतृत्व, साहस और उत्कृष्ट सैन्य सेवा के लिए दिया जा रहा है।
कर्नल सोफिया कुरैशी का यह सम्मान न केवल उनके लगभग 26 वर्षों के गौरवशाली सैन्य करियर की पहचान है, बल्कि यह भारतीय सेना में महिलाओं की बढ़ती और सशक्त भूमिका को भी रेखांकित करता है।
ऑपरेशन सिंदूर में अहम भूमिका
6 मई 2025 को अंजाम दिए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद कर्नल सोफिया कुरैशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पाकिस्तान में स्थित आतंकी ठिकानों और भारतीय सेना की कार्रवाई की विस्तृत जानकारी दुनिया के सामने रखी थी। उनका आत्मविश्वास, स्पष्टता और रणनीतिक समझ देश-विदेश में सराही गई।
ऐतिहासिक उपलब्धियां
कर्नल कुरैशी ने इससे पहले भी कई इतिहास रचे हैं। वर्ष 2016 में ‘एक्सरसाइज फोर्स 18’ के दौरान वह बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास में भारतीय सेना की टुकड़ी का नेतृत्व करने वाली पहली महिला अधिकारी बनीं। यह उपलब्धि भारतीय सेना में महिलाओं के लिए एक नई प्रेरणा साबित हुई।
अंतरराष्ट्रीय अनुभव
उनका अंतरराष्ट्रीय सैन्य अनुभव भी उल्लेखनीय है। वर्ष 2006 में कांगो में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के दौरान उन्होंने एक सैन्य पर्यवेक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दीं और भारत का नाम वैश्विक मंच पर गौरवान्वित किया।
प्रेरणा की मिसाल
कर्नल सोफिया कुरैशी का यह सम्मान साहस, नेतृत्व और समर्पण की मिसाल है। उनका सफर आने वाली पीढ़ियों, खासकर युवतियों के लिए यह संदेश देता है कि कड़ी मेहनत और संकल्प से हर मुकाम हासिल किया जा सकता है।
देश की सेवा और सेना से जुड़ी ऐसी ही प्रेरणादायक खबरों के लिए पढ़ते रहिए
मिथिला हिन्दी न्यूज