बिहार सरकार ने किसानों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए एग्री स्टैक महाअभियान की अवधि 21 जनवरी तक बढ़ा दी है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि अब तक 10 लाख से अधिक किसानों का पंजीकरण किया जा चुका है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य राज्य के शत-प्रतिशत किसानों को यूनिक किसान आईडी से जोड़ना है, ताकि उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का सीधा और पारदर्शी लाभ मिल सके। डिजिटल पंजीकरण से किसानों का डाटा एकीकृत होगा, जिससे अनुदान, बीमा, फसल सहायता और अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन में सहूलियत होगी।
कमजोर जिलों को दिए गए सख्त निर्देश
सरकार ने पंजीकरण की धीमी रफ्तार वाले जिलों पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन को विशेष शिविर लगाकर अधिक से अधिक किसानों को अभियान से जोड़ने को कहा गया है।
किसानों को होंगे ये फायदे
यूनिक किसान आईडी के जरिए योजनाओं का सीधा लाभ
फर्जी लाभार्थियों पर लगेगी रोक
डिजिटल रिकॉर्ड से पारदर्शिता बढ़ेगी
भविष्य में कृषि से जुड़ी सभी सेवाएं एक प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी
सरकार का दावा है कि एग्री स्टैक के जरिए बिहार के किसान आधुनिक तकनीक से जुड़ेंगे और सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के प्राप्त कर सकेंगे।
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