बिहार में कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। इस शीतकालीन सीजन में पहली बार शुक्रवार को छपरा शीतलहर की चपेट में रहा, जबकि बक्सर और मुंगेर में भीषण शीत दिवस दर्ज किया गया। इसके अलावा पटना, फारबिसगंज, सहरसा, दरभंगा और अरवल में भी शीत दिवस जैसी स्थिति बनी रही।
मौसम विभाग के अनुसार राज्यभर में अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जबकि न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखी गई है। ठंडी पछुआ हवा और धूप की कमी के कारण दिन में भी ठिठुरन महसूस की जा रही है। सुबह और शाम के समय सर्दी का असर सबसे ज्यादा है, जिससे आम लोगों के साथ-साथ स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को काफी परेशानी हो रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने, अलाव का सुरक्षित उपयोग करने और बच्चों-बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की अपील की गई है।
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