गोपालगंज जिले के कुचायकोट प्रखंड स्थित बल्थरी चेकपोस्ट पर शनिवार को आस्था और आधुनिक तकनीक का अद्भुत नजारा देखने को मिला। तमिलनाडु से आ रहा विश्व का सबसे विशाल शिवलिंग जैसे ही यहां पहुंचा, श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। करीब 210 मीट्रिक टन वजनी इस दिव्य शिवलिंग के दर्शन-पूजन के लिए लोग घंटों तक इंतजार करते नजर आए।
बताया जा रहा है कि यह विशाल शिवलिंग एक ही ग्रेनाइट पत्थर से तैयार किया गया है, जो इसे और भी विशेष बनाता है। इसके परिवहन के लिए अत्याधुनिक तकनीक से लैस 96 पहियों वाले विशेष ट्रक का उपयोग किया जा रहा है। सुरक्षा और संतुलन के लिहाज से पूरे मार्ग पर विशेष इंतजाम किए गए हैं।
यह शिवलिंग पूर्वी चंपारण जिले के चकिया–केसरिया मार्ग स्थित विराट रामायण मंदिर में स्थापित किया जाएगा। रास्ते भर जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर और जयकारों के साथ इसका स्वागत किया। कई स्थानों पर स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों द्वारा पूजा-अर्चना और भंडारे का भी आयोजन किया गया।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, इतने भारी और विशाल धार्मिक प्रतीक का सुरक्षित परिवहन अपने आप में एक बड़ी चुनौती है, जिसे तकनीकी विशेषज्ञों और प्रशासनिक टीम के सहयोग से सफलतापूर्वक पूरा किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक क्षण को देखने के लिए बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में खासा उत्साह देखने को मिला।
धार्मिक आस्था, शिल्पकला और आधुनिक इंजीनियरिंग का यह संगम लोगों के लिए अविस्मरणीय अनुभव बन गया है।
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