बिहार के छोटे शहरों में वायु प्रदूषण लगातार गंभीर होता जा रहा है। राज्य के 10 शहरों की हवा में पीएम 2.5 (पार्टिकुलेट मैटर) की मात्रा लगातार अधिक दर्ज की जा रही है, जो सेहत के लिए बेहद खतरनाक मानी जाती है। प्रदूषण की मार झेल रहे इन शहरों में आरा, हाजीपुर, कटिहार, मोतिहारी, अररिया, बेगूसराय, बेतिया, बिहारशरीफ, मुजफ्फरपुर और बक्सर शामिल हैं।
मंगलवार की सुबह भी आरा और हाजीपुर में राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 200 से अधिक दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक ऐसी हवा में सांस लेने से सांस, फेफड़े और हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
इसी बीच पटना में किए गए एक अध्ययन ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। रिपोर्ट के अनुसार, खुले नालों से निकलने वाली अमोनिया गैस हवा में पीएम 2.5 बनने में अहम भूमिका निभा रही है। अमोनिया गैस जब अन्य प्रदूषक तत्वों के संपर्क में आती है, तो यह सूक्ष्म कणों का रूप ले लेती है, जिससे वायु प्रदूषण का स्तर और बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल वाहनों और उद्योगों को ही नहीं, बल्कि खुले नालों और सीवेज प्रबंधन की अनदेखी भी छोटे शहरों में बढ़ते वायु प्रदूषण का बड़ा कारण बन रही है। यदि समय रहते इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो हालात और भयावह हो सकते हैं।
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