भागलपुर जिले में मिड-डे मील योजना में बड़े वित्तीय गड़बड़ी का मामला सामने आया है। वर्ष 2014 से 2022 के बीच जिले के विभिन्न सरकारी स्कूलों में 30 लाख रुपये से अधिक के गबन का खुलासा हुआ है। जांच में पाया गया है कि इस अवधि में कई स्कूलों के प्रधानाध्यापकों द्वारा मिड-डे मील मद की राशि का समुचित उपयोग नहीं किया गया।
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मिड-डे मील) की रिपोर्ट के अनुसार, 54 प्रधानाध्यापकों पर कुल 18.56 लाख रुपये की बकाया राशि अब भी जमा नहीं की गई है। इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है।
डीपीओ एमडीएम ने संबंधित प्रधानाध्यापकों को एक सप्ताह का अंतिम अवसर दिया है। निर्देश दिया गया है कि तय समय सीमा के भीतर बकाया राशि जमा करें। ऐसा नहीं करने पर संबंधित प्रधानाध्यापकों के खिलाफ वेतन रोकने, विभागीय कार्रवाई और अन्य कठोर कदम उठाए जाएंगे।
शिक्षा विभाग का कहना है कि बच्चों के पोषण से जुड़ी इस महत्वपूर्ण योजना में किसी भी तरह की लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग पूरे मामले की लगातार समीक्षा कर रहा है और आगे भी जांच का दायरा बढ़ाया जा सकता है।
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