बिहार में नवजात से लेकर छह वर्ष तक के बच्चों के स्वास्थ्य और विकास को लेकर सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य के 30 जिलों में डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर (डीईआईसी) स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों का उद्देश्य बच्चों के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास की समय पर निगरानी और समुचित इलाज सुनिश्चित करना है।
इन डीईआईसी केंद्रों में जन्मजात बीमारियों, कुपोषण, विकास संबंधी विकार और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी। प्रत्येक केंद्र पर लगभग 1.25 करोड़ रुपये की लागत आएगी और यहां विशेष प्रशिक्षित चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी तैनात किए जाएंगे।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, यह पहल राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत की जा रही है। इसके अंतर्गत पहले से ही बच्चों की पहचान की जा रही है, ताकि जरूरतमंद बच्चों को समय रहते इलाज और परामर्श मिल सके। विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआती उम्र में पहचान और इलाज से बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाया जा सकता है।
सरकार का कहना है कि डीईआईसी केंद्रों के माध्यम से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बच्चों को जिला स्तर पर ही उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सुविधा मिलेगी, जिससे बड़े शहरों पर निर्भरता कम होगी और गरीब परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।
👉 बिहार की स्वास्थ्य योजनाओं और बच्चों से जुड़ी हर अहम खबर के लिए पढ़ते रहें — मिथिला हिन्दी न्यूज
👁️ अब तक पढ़ा गया:
बार