पटना। बिहार में फार्मर रजिस्ट्री को लेकर सरकार ने बड़ा और अहम फैसला लिया है। अब राज्य के किसानों की डिजिटल पहचान बनाई जाएगी, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से सीधे किसानों तक पहुंच सके। इस प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए सरकार ने कड़ी निगरानी के निर्देश दिए हैं।
फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति और गुणवत्ता की जांच के लिए 6 से 9 जनवरी और फिर 18 से 21 जनवरी तक राज्यभर में गहन समीक्षा अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान पंजीकरण की स्थिति, दस्तावेजों की शुद्धता और तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जांच की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि कोई भी पात्र किसान रजिस्ट्री से वंचित न रहे।
सरकार का मानना है कि फार्मर रजिस्ट्री लागू होने से पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, कृषि अनुदान और अन्य योजनाओं में पारदर्शिता आएगी। साथ ही फर्जी लाभार्थियों पर भी लगाम लगेगी और वास्तविक किसानों को सीधा फायदा मिलेगा।
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