आजकल बढ़ती डायबिटीज़ की समस्या के बीच लोग सबसे पहले अपने खान-पान से चीनी (शक्कर) को हटाने का फैसला लेते हैं। आम सवाल यह है कि अगर कोई व्यक्ति 7 दिन तक बिल्कुल भी चीनी नहीं ले, तो उसका ब्लड शुगर लेवल कितना हो जाएगा और क्या इससे डायबिटीज़ कंट्रोल हो सकती है?
शरीर चीनी के बिना कैसे काम करता है?
विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर को ऊर्जा के लिए सिर्फ बाहर से ली गई चीनी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। रोटी, चावल, दाल, सब्ज़ी और फल में मौजूद कार्बोहाइड्रेट शरीर में जाकर ग्लूकोज़ में बदल जाते हैं। इसलिए 7 दिन तक चीनी न खाने के बावजूद शरीर अपना संतुलन बनाए रखता है।
डायबिटीज़ नहीं है तो क्या होगा?
अगर कोई व्यक्ति डायबिटीज़ से पीड़ित नहीं है और वह 7 दिन तक चीनी नहीं लेता:
- ब्लड शुगर सामान्य सीमा में ही रहता है
- फास्टिंग शुगर 70–99 mg/dL के आसपास
- भोजन के बाद शुगर 120–140 mg/dL तक
ऐसे लोगों के लिए चीनी छोड़ना फायदेमंद होता है और वजन व पाचन में सुधार देखा जाता है।
डायबिटीज़ के मरीजों पर क्या असर?
डायबिटीज़ से पीड़ित व्यक्ति अगर 7 दिन तक चीनी नहीं लेता:
- शुगर लेवल में 10 से 30 mg/dL तक कमी आ सकती है
- लेकिन केवल चीनी छोड़ने से डायबिटीज़ पूरी तरह कंट्रोल नहीं होती
- अगर दवा या इंसुलिन चल रही है और खाना बहुत कम कर दिया जाए, तो लो शुगर का खतरा भी हो सकता है
किन चीज़ों से फिर भी बढ़ जाती है शुगर?
अक्सर लोग यह गलती करते हैं कि चीनी छोड़ने के बाद भी:
- ज्यादा चावल
- ज्यादा गेहूं की रोटी
- आलू, मैदा, बिस्किट
- मीठे फल अधिक मात्रा में
इनका सेवन करते रहते हैं, जिससे शुगर लेवल बढ़ सकता है।
डॉक्टरों की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि:
- चीनी छोड़ना अच्छी शुरुआत है
- संतुलित आहार और नियमित व्यायाम जरूरी है
- डायबिटीज़ मरीज नियमित रूप से शुगर की जांच कराएं
- बिना डॉक्टर की सलाह दवा में बदलाव न करें
7 दिन तक चीनी नहीं खाने से शुगर लेवल पर सकारात्मक असर जरूर पड़ता है, लेकिन यह कोई जादुई इलाज नहीं है। सही खान-पान, जीवनशैली और चिकित्सा सलाह के साथ ही डायबिटीज़ को काबू में रखा जा सकता है।
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