पटना।
बिहार सरकार ने किसानों के हित में एक बड़ा और अहम कदम उठाया है। अब राज्य के हर किसान को एक अलग डिजिटल पहचान दी जाएगी, जिसे फार्मर रजिस्ट्री आईडी नाम दिया गया है। इस योजना को कृषि विभाग और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग मिलकर लागू कर रहे हैं। सरकार का उद्देश्य है कि किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर, पारदर्शी और सीधे मिल सके।
फार्मर रजिस्ट्री को तेजी से लागू करने के लिए नीतीश सरकार ने 6, 7, 8 और 9 जनवरी 2026 को राज्यभर में विशेष अभियान चलाने का फैसला किया है। इन चार दिनों में पंचायत स्तर पर कैंप लगाए जाएंगे, जहां किसानों का रजिस्ट्रेशन और ई-केवाईसी कराई जाएगी। सरकार चाहती है कि अधिक से अधिक किसान तय समय सीमा में अपनी डिजिटल पहचान बनवा लें।
क्यों जरूरी है फार्मर रजिस्ट्री आईडी
फार्मर रजिस्ट्री आईडी के जरिए किसानों की पूरी जानकारी एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी। इससे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना सहित अन्य कृषि योजनाओं का लाभ लेने में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब कई योजनाओं में फार्मर रजिस्ट्री आईडी अनिवार्य कर दी गई है। ऐसे में जिन किसानों की आईडी नहीं बनेगी, वे भविष्य में सरकारी लाभ से वंचित हो सकते हैं।
आसान रखी गई है रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया
सरकार ने फार्मर रजिस्ट्री बनवाने की प्रक्रिया को बेहद सरल बनाया है। किसान अपने नजदीकी—
- किसान सलाहकार
- कृषि समन्वयक
- हलका कर्मचारी
से संपर्क कर सकते हैं। रजिस्ट्रेशन के लिए किसानों को आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और जमीन से जुड़े कागजात उपलब्ध कराने होंगे। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी की जाएगी।
समस्या होने पर कहां करें संपर्क
यदि किसी किसान को रजिस्ट्रेशन या ई-केवाईसी के दौरान कोई दिक्कत आती है, तो वे सीधे—
- जिला कृषि पदाधिकारी (DAO)
- अनुमंडल कृषि पदाधिकारी
- प्रखंड कृषि पदाधिकारी
से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा किसानों की सहायता के लिए सरकार ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं—
- कृषि विभाग: 1800 180 1551
- राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग: 1800 345 6215
सरकार का मानना है कि फार्मर रजिस्ट्री आईडी से बिहार के किसानों को योजनाओं का लाभ मिलने में पारदर्शिता आएगी और बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी।
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