हिंदी डिजिटल मीडिया जगत से एक बड़ी और भावुक करने वाली खबर सामने आई है। देश के चर्चित डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म लल्लनटॉप और इंडिया टुडे (हिंदी) के संपादक सौरभ द्विवेदी ने अपने पद से विदाई ले ली है। करीब 12 वर्षों तक इंडिया टुडे ग्रुप से जुड़े रहने के बाद उनका यह फैसला मीडिया इंडस्ट्री में व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है।
सौरभ द्विवेदी ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से अपने इस्तीफे की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा कि यह “पूर्णविराम नहीं, बल्कि एक अल्पविराम है”, यानी उनका यह सफर यहीं खत्म नहीं हुआ है, बल्कि एक नए अध्याय की शुरुआत होने जा रही है।
लल्लनटॉप को शिखर तक पहुंचाने में अहम भूमिका
सौरभ द्विवेदी को हिंदी डिजिटल पत्रकारिता में एक नवाचारक के रूप में जाना जाता है। लल्लनटॉप को उन्होंने एक साधारण डिजिटल प्लेटफॉर्म से देश के सबसे भरोसेमंद और लोकप्रिय हिंदी न्यूज़ ब्रांड्स में शामिल किया। सरल भाषा, जमीनी मुद्दे, युवाओं से जुड़ा कंटेंट और बेबाक पत्रकारिता उनकी पहचान रही है।
‘द लल्लनटॉप शो’, राजनीतिक इंटरव्यू और सामाजिक मुद्दों पर आधारित वीडियो कंटेंट ने उन्हें खास पहचान दिलाई। उनकी अगुवाई में लल्लनटॉप ने पारंपरिक मीडिया की सीमाओं को तोड़ते हुए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नई मिसाल कायम की।
नेतृत्व में बदलाव
सौरभ द्विवेदी के जाने के बाद लल्लनटॉप की संपादकीय जिम्मेदारी कुलदीप मिश्रा को सौंपी गई है, जबकि प्रोडक्शन टीम की कमान रजत सेन संभालेंगे। इंडिया टुडे ग्रुप ने इसे एक सुनियोजित नेतृत्व परिवर्तन बताया है, ताकि संस्थान की दिशा और गुणवत्ता बनी रहे।
आगे क्या?
फिलहाल सौरभ द्विवेदी ने अपने अगले कदम को लेकर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की है। हालांकि मीडिया जगत में कयास लगाए जा रहे हैं कि वे किसी नए डिजिटल प्रोजेक्ट, स्वतंत्र मीडिया पहल या लेखन-पॉडकास्ट जैसे माध्यमों में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं।
हिंदी मीडिया के लिए बड़ा मोड़
सौरभ द्विवेदी की विदाई को हिंदी डिजिटल पत्रकारिता में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने यह साबित किया कि हिंदी पत्रकारिता भी नवाचार, निर्भीकता और गुणवत्ता के साथ वैश्विक स्तर पर पहचान बना सकती है।
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