उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए खुशखबरी है। राज्य के गन्ना विभाग ने सहफसली खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बड़ी राहत योजना शुरू की है। अब गन्ने के साथ यदि किसान दलहनी या तिलहनी फसलों की बुवाई करते हैं, तो उन्हें 9,000 रुपये प्रति हेक्टेयर का अनुदान दिया जा रहा है।
यह प्रोत्साहन राशि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (NFSM) के तहत दी जा रही है, जिसका उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, मिट्टी की उर्वरता सुधारना और फसल विविधता को प्रोत्साहित करना है। इस योजना का लाभ विशेष रूप से उन किसानों को मिलेगा, जो गन्ना पर्चीधारी हैं और नियमित रूप से चीनी मिलों को गन्ने की आपूर्ति करते हैं।
सहफसली खेती से होंगे कई फायदे
- किसानों को अतिरिक्त आय का स्रोत
- मिट्टी की सेहत में सुधार
- दलहन-तिलहन उत्पादन में बढ़ोतरी
- खेती की लागत में कमी
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि गन्ने के साथ सहफसली खेती करने से न केवल किसानों की आमदनी बढ़ती है, बल्कि लंबे समय में खेत की उत्पादकता भी बेहतर होती है।
अगर आप भी गन्ने की खेती कर रहे हैं, तो इस सरकारी योजना का लाभ जरूर उठाएं। सही मायनों में यह गन्ना किसानों के लिए “बल्ले-बल्ले” का समय है।
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