पटना।
नए साल की शुरुआत के साथ ही बिहार में पीडीएस (सार्वजनिक वितरण प्रणाली) के तहत राशन वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव लागू कर दिया गया है। जनवरी 2026 से अब सभी पात्र राशन कार्डधारकों को प्रति यूनिट 2 किलो गेहूं और 3 किलो चावल दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था का मकसद लाभुकों को संतुलित और पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराना है।
एएवाई और पीएचएच सभी लाभुकों को मिलेगा लाभ
प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के अनुसार, यह नई व्यवस्था अंत्योदय अन्न योजना (AAY) और प्राथमिकता श्रेणी (PHH) के अंतर्गत आने वाले सभी लाभुकों पर लागू होगी।
हर यूनिट के हिसाब से निर्धारित मात्रा में गेहूं और चावल दोनों दिए जाएंगे, जिससे परिवारों को एकतरफा अनाज पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
ई-पास मशीन से होगा पारदर्शी वितरण
राशन वितरण पूरी तरह ई-पास मशीन के माध्यम से किया जाएगा। इससे वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी और फर्जीवाड़े या कटौती की शिकायतों पर रोक लगेगी।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी डीलर द्वारा अनियमितता की जाती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ई-केवाईसी हुई अनिवार्य
सरकार ने राशन कार्डधारकों के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) को अनिवार्य कर दिया है।
जिन लाभुकों ने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराई है, उन्हें जल्द से जल्द यह प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि ई-केवाईसी नहीं कराने पर राशन मिलने में परेशानी हो सकती है या वितरण अस्थायी रूप से रोका भी जा सकता है।
लाभुकों से अपील
प्रशासन ने सभी राशन कार्डधारकों से अपील की है कि वे समय पर ई-केवाईसी कराएं और निर्धारित तिथि पर राशन दुकान से अपना अनाज प्राप्त करें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।
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