उत्तर प्रदेश के जेवर में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब अपने अंतिम चरण में है और इसे भारत की सबसे बड़ी व महत्वाकांक्षी हवाई परियोजनाओं में गिना जा रहा है। इस एयरपोर्ट का निर्माण कार्य नवंबर 2021 में शुरू हुआ था और तय समयसीमा के अनुसार जनवरी 2026 में इसे बनाकर पूरी तरह तैयार कर लिया गया है।
शुरुआती चरण में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से घरेलू हवाई सेवाओं की शुरुआत की जाएगी। एयरपोर्ट अथॉरिटी के अनुसार, पहले छह महीनों के भीतर यहां से 240 से 300 उड़ानों का संचालन किया जाएगा। इससे दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के यात्रियों को बड़ी राहत मिलने वाली है।
इस एयरपोर्ट के शुरू होने से न सिर्फ इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, दिल्ली पर बढ़ते दबाव में कमी आएगी, बल्कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा और आसपास के क्षेत्रों के लिए हवाई यात्रा कहीं अधिक सुलभ हो जाएगी।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। यहां अत्याधुनिक टर्मिनल, लंबा रनवे, कार्गो हब, लॉजिस्टिक सुविधाएं और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। आने वाले चरणों में यहां से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की भी शुरुआत की योजना है।
आर्थिक दृष्टि से भी यह एयरपोर्ट क्षेत्र के लिए गेम चेंजर साबित होगा। इससे रोजगार के हजारों अवसर, निवेश में वृद्धि और औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को इससे बड़ा लाभ होगा।
कुल मिलाकर, जेवर का नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भारत के विमानन क्षेत्र में एक नई उड़ान का प्रतीक बनने जा रहा है।
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