इस वर्ष जनवरी माह में मौसम के असामान्य बदलाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले कुछ दिनों से तेज धूप निकलने के कारण तापमान में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की गई है। आमतौर पर जनवरी में कड़ाके की ठंड और हल्की धूप रहती है, लेकिन इस बार बदले मौसम के तेवर रबी फसलों के लिए खतरे की घंटी बनते नजर आ रहे हैं।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अधिक तापमान के कारण गेहूं, सरसों, चना जैसी रबी फसलों के विकास पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। खासकर गेहूं की फसल में दाना बनने की प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका है, जिससे पैदावार घट सकती है। सरसों की फसल में फूल और दाने झड़ने का खतरा भी बढ़ गया है।
विशेषज्ञ इसे जलवायु परिवर्तन का प्रभाव बता रहे हैं। उनके अनुसार मौसम के चक्र में आ रहा यह असंतुलन भविष्य में किसानों के लिए और भी बड़ी चुनौती बन सकता है। तापमान में अचानक उतार-चढ़ाव, समय से पहले गर्मी और ठंड की कमी सीधे तौर पर कृषि उत्पादन को प्रभावित कर रही है।
किसानों को सलाह दी गई है कि वे सिंचाई और फसल प्रबंधन पर विशेष ध्यान दें तथा कृषि विभाग द्वारा जारी परामर्श का पालन करें, ताकि नुकसान को कम किया जा सके।
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