बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस के भीतर गुटबाजी और असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। इसी कड़ी में शुक्रवार को बिहार कांग्रेस के नाराज गुट की ओर से मकर संक्रांति के अवसर पर दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया गया, जिसने सूबे की सियासत में हलचल मचा दी है।
यह दही-चूड़ा भोज पूर्व विधायक छत्रपति यादव के पटना स्थित आवास पर आयोजित हुआ, जिसमें पार्टी के प्रदेश नेतृत्व से नाराज चल रहे कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। कार्यक्रम में कांग्रेस के दो पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, कई जिला अध्यक्ष, पूर्व विधायक और संगठन के प्रभावशाली नेता मौजूद रहे। एक ही मंच पर इतने नेताओं की मौजूदगी को कांग्रेस के भीतर शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि इस आयोजन को सार्वजनिक रूप से मकर संक्रांति का पारंपरिक भोज बताया गया, लेकिन सियासी गलियारों में इसे प्रदेश नेतृत्व के खिलाफ असंतोष का संकेत माना जा रहा है। सूत्रों की मानें तो पार्टी की चुनावी रणनीति, संगठनात्मक फैसलों और नेतृत्व की कार्यशैली को लेकर लंबे समय से नाराजगी पनप रही थी, जो अब खुलकर सामने आने लगी है।
इस भोज के जरिए नाराज नेताओं ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि कांग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं है और आने वाले दिनों में अंदरूनी कलह और तेज हो सकती है। बिहार की राजनीति में पहले से ही विपक्षी दलों में टूट और खटपट की चर्चाओं के बीच कांग्रेस का यह आयोजन खासा अहम माना जा रहा है।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि कांग्रेस हाईकमान और प्रदेश नेतृत्व इस नाराजगी को कैसे संभालता है, या फिर आने वाले दिनों में पार्टी में और बड़े सियासी घटनाक्रम देखने को मिलते हैं।
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