बिहार को मिलेगा एक और शानदार एयरपोर्ट, वाल्मीकिनगर हवाई अड्डे के पुनः संचालन की तैयारी तेज


बिहार के लिए हवाई कनेक्टिविटी के मोर्चे पर एक और बड़ी खुशखबरी सामने आई है। पश्चिमी चंपारण स्थित वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट को दोबारा शुरू करने की दिशा में काम तेज हो गया है। एयरपोर्ट के पुनः संचालन को लेकर लगातार निरीक्षण किया जा रहा है और बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने की योजना पर तेजी से अमल हो रहा है।

रनवे विस्तार से उड़ान भर सकेंगे बड़े विमान

फिलहाल वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट का रनवे करीब 1100 मीटर लंबा है, जिसे बढ़ाने की योजना बनाई गई है। रनवे की लंबाई बढ़ने के बाद यहां से बड़े विमान भी उड़ान भर सकेंगे। इससे न सिर्फ यात्री सुविधा बढ़ेगी, बल्कि पर्यटन और व्यापार को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

एयरपोर्ट परिसर की मिट्टी की होगी जांच

एयरपोर्ट के विकास से पहले परिसर की मिट्टी की गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी, ताकि रनवे और अन्य संरचनाओं का निर्माण सुरक्षित और तकनीकी मानकों के अनुरूप हो सके। यह प्रक्रिया भविष्य की हवाई सेवाओं को सुरक्षित बनाने के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।

सड़क चौड़ीकरण और तीन लेन का निर्माण

एयरपोर्ट तक पहुंच को आसान बनाने के लिए सड़क की चौड़ाई बढ़ाकर 40 फीट की जाएगी। इसके साथ ही सड़क को तीन लेन में विकसित किया जाएगा, जिससे यात्रियों को सुगम और तेज आवागमन की सुविधा मिलेगी।

चंपारण और पर्यटन को मिलेगा बड़ा फायदा

वाल्मीकिनगर पहले से ही अपने वन क्षेत्र, गंडक बैराज और पर्यटन स्थलों के लिए जाना जाता है। एयरपोर्ट शुरू होने से न सिर्फ पश्चिमी चंपारण, बल्कि आसपास के जिलों और नेपाल सीमा क्षेत्र को भी सीधा लाभ मिलेगा। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र का समग्र विकास तेज होगा।

बिहार की हवाई कनेक्टिविटी को नई उड़ान

दरभंगा, पटना, गया और पूर्णिया के बाद वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट बिहार की हवाई कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा। यह राज्य के संतुलित विकास की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

बिहार के विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और परिवहन से जुड़ी ऐसी ही अहम खबरों के लिए पढ़ते रहिए मिथिला हिन्दी न्यूज

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