महाशिवरात्रि 2026 का पावन पर्व आज रविवार को पूरे श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा। इस वर्ष व्यतिपात, सर्वार्थ सिद्धि और जयद् योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिसे ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जा रहा है। मान्यता है कि इस विशेष योग में शिव-पार्वती की पूजा-अर्चना करने से भक्तों को विशेष फल की प्राप्ति होती है।
भक्त आज शिवलिंग का गंगाजल, दूध, दही, शहद और बेलपत्र आदि से अभिषेक करेंगे। मंदिरों में सुबह से ही पूजा-अर्चना और जलाभिषेक का सिलसिला जारी रहेगा। संध्या समय भगवान शंकर का भव्य श्रृंगार किया जाएगा और विशेष आरती का आयोजन होगा।
विद्वानों के अनुसार, इस बार श्रवण नक्षत्र का प्रभाव भी पूजा को और अधिक फलदायी बना रहा है। आचार्य राकेश झा ने बताया कि श्रवण नक्षत्र में उमा-महेश्वर की आराधना करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
महाशिवरात्रि को लेकर मंदिरों में विशेष तैयारियां की गई हैं। भक्तों में उत्साह का माहौल है और श्रद्धालु बड़ी संख्या में पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं।
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