भारतीय-नेपाली जाली करेंसी फैक्ट्री का उद्भेदन, 10 तस्कर गिरफ्तार
पूर्वी चंपारण (मोतिहारी)। जिले की पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराष्ट्रीय जाली नोट गिरोह का पर्दाफाश किया है। एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर रक्सौल डीएसपी के नेतृत्व में की गई विशेष कार्रवाई में जाली नोट बनाने वाली फैक्ट्री का उद्भेदन किया गया। इस कार्रवाई में पुलिस ने भारतीय और नेपाली जाली करेंसी के साथ गिरोह से जुड़े 10 तस्करों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 4 नेपाली नागरिक शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, कार्रवाई की शुरुआत हरैया थाना क्षेत्र में गुप्त सूचना के आधार पर हुई। यहां पुलिस ने दो तस्करों को 18,500 रुपये के जाली भारतीय नोटों के साथ गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान मिली अहम जानकारी के बाद DIU (डिस्ट्रिक्ट इंटेलिजेंस यूनिट) की टीम ने सीतामढ़ी जिले के मेजरगंज थाना क्षेत्र में छापेमारी कर जाली नोट बनाने वाली फैक्ट्री का खुलासा किया।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने करीब 25 लाख रुपये की जाली नेपाली करेंसी, 1.40 लाख रुपये की असली नेपाली मुद्रा, नोट छापने के उपकरण, केमिकल, सादा कागज, तीन मोटरसाइकिल और एक लग्जरी कार बरामद की है। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह का नेटवर्क बिहार के सीमावर्ती जिलों से लेकर नेपाल तक फैला हुआ है।
एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं गिरोह के मास्टरमाइंड और अन्य फरार सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में जाली नोट सिंडिकेट के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है और किसी भी सूरत में ऐसे अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा।
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