सारण। जिले के मढ़ौरा प्रखंड अंतर्गत शिल्हौरी स्थित प्राचीन शिलानाथ मंदिर में एक विशेष और प्रेरणादायक विवाह संपन्न हुआ, जो पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। यह विवाह इसलिए खास रहा क्योंकि इसमें वर और वधू दोनों अपने-अपने जीवनसाथियों को पहले ही खो चुके थे और लंबे समय से अकेला जीवन व्यतीत कर रहे थे।
जानकारी के अनुसार, जलालपुर कोठेयां निवासी एक विधवा महिला का विवाह तरैया थाना क्षेत्र के सरेयां गांव निवासी भुनेश्वर प्रसाद सिंह से हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार संपन्न हुआ। दोनों ने आपसी सहमति, पारिवारिक जिम्मेदारियों और बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए पुनर्विवाह का निर्णय लिया।
विवाह के कुछ समय बाद दूल्हे के पहले ससुराल पक्ष की आपत्ति सामने आई, जिसके बाद मामला स्थानीय थाने तक पहुंच गया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों पक्षों को समझाया और गवाहों की मौजूदगी में बांड भरवाकर मामले का शांतिपूर्ण समाधान करा दिया।
इस पुनर्विवाह से दोनों परिवारों, विशेषकर बच्चों के जीवन में नई खुशियाँ लौटी हैं। ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक अहम कदम बताया। लोगों का कहना है कि यह घटना विधवा–विधुर पुनर्विवाह को लेकर समाज की सोच बदलने और ऐसे निर्णयों को स्वीकार करने की प्रेरणा देती है।
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