बिहार विधान परिषद में राजद के एमएलसी मोहम्मद कारी शोएब ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की जोरदार मांग उठाई। सदन में इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान उन्होंने इसे सांस्कृतिक और परंपरागत दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए सरकार से पहल करने की अपील की।
हालांकि, सदन में इस प्रस्ताव को पर्याप्त समर्थन नहीं मिल सका। पक्ष-विपक्ष के सदस्यों के बीच बहस के बाद यह प्रस्ताव अस्वीकृत कर दिया गया। सदन की कार्यवाही के दौरान कुछ देर के लिए राजनीतिक माहौल भी गर्माता नजर आया।
राजद एमएलसी ने रखी अपनी दलील
एमएलसी मोहम्मद कारी शोएब ने कहा कि गाय भारतीय संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ी हुई है। उनका तर्क था कि इसे राष्ट्रीय पशु घोषित किए जाने से संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और सामाजिक संदेश भी जाएगा।
समर्थन नहीं मिलने से प्रस्ताव गिरा
सत्तापक्ष और विपक्ष के कई सदस्यों ने प्रस्ताव पर आपत्ति जताई और कहा कि राष्ट्रीय पशु घोषित करने का अधिकार केंद्र सरकार के अधीन आता है। साथ ही कुछ सदस्यों ने इसे राजनीतिक मुद्दा बताकर सदन में लाने पर सवाल भी उठाए।
सदन में दिखा राजनीतिक टकराव
प्रस्ताव के दौरान सदन में पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। अंततः मत समर्थन न मिलने के कारण प्रस्ताव खारिज कर दिया गया।
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✍️ रिपोर्ट: रोहित कुमार सोनू