घर में डस्टबिन रखने के वास्तु नियम: गलत जगह रखा कूड़ेदान बन सकता है धन हानि की वजह


घर में कूड़ेदान यानी डस्टबिन रखने को लेकर वास्तु शास्त्र में कुछ खास नियम बताए गए हैं। मान्यता है कि इन नियमों की अनदेखी करने से घर में आर्थिक तंगी, कलह और नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है। वास्तु के अनुसार डस्टबिन का संबंध राहु ग्रह से माना जाता है। ऐसे में अगर डस्टबिन गलत दिशा में रख दिया जाए, तो पारिवारिक और आर्थिक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

❌ इन जगहों पर न रखें कूड़ेदान

  • उत्तर-पूर्व (ईशान कोण): यह दिशा पूजा-पाठ और सकारात्मक ऊर्जा की मानी जाती है। यहां डस्टबिन रखने से मानसिक तनाव और धन हानि की मान्यता है।
  • उत्तर-पश्चिम: इस दिशा में डस्टबिन रखने से पारिवारिक विवाद और खर्च बढ़ने की मान्यता बताई जाती है।
  • रसोईघर के पास/अंदर: इससे स्वास्थ्य और अन्न से जुड़ी नकारात्मकता मानी जाती है।
  • मुख्य दरवाजे के सामने: इससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बाधित होने की मान्यता है।

✅ इन जगहों पर रखें कूड़ेदान

  • दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम दिशा: वास्तु के अनुसार यह कचरा रखने के लिए अपेक्षाकृत उपयुक्त मानी जाती है।
  • बाथरूम/टॉयलेट के भीतर (ढक्कन वाला डस्टबिन): गीले कचरे के लिए ठीक माना जाता है।
  • घर के बाहर तय जगह पर: बेहतर है कि रोज़ाना कचरा बाहर फेंकने की आदत रखें।

🧹 डस्टबिन से जुड़ी जरूरी सावधानियां

  • डस्टबिन ढक्कन वाला रखें ताकि नकारात्मक ऊर्जा और बदबू घर में न फैले।
  • कूड़ा रोज़ खाली करें—भरा हुआ डस्टबिन घर में रुकावटों का संकेत माना जाता है।
  • डस्टबिन को हमेशा साफ रखें और समय-समय पर धोते रहें।
  • किचन में गीले कचरे के लिए अलग, सूखे कचरे के लिए अलग डस्टबिन रखें।

क्यों माना जाता है डस्टबिन को राहु से जुड़ा?

वास्तु मान्यताओं के अनुसार गंदगी, अव्यवस्था और नकारात्मकता का संबंध राहु से जोड़ा जाता है। इसलिए डस्टबिन की गलत जगह पर मौजूदगी को राहु दोष जैसी स्थितियों से जोड़कर देखा जाता है।

नोट: वास्तु शास्त्र आस्था और मान्यताओं पर आधारित है। व्यावहारिक जीवन में साफ-सफाई और सही कचरा प्रबंधन सबसे ज्यादा जरूरी है।

धर्म, वास्तु और घरेलू उपायों की खबरों के लिए पढ़ते रहिए मिथिला हिन्दी न्यूज
मिथिला हिन्दी न्यूज | संपादक: रोहित कुमार सोनू

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.