बिहार में अनोखा मामला: अधिवक्ता ने जीवित दारोगा का गयाजी में किया श्राद्ध

प्रशासनिक व न्यायिक व्यवस्था पर सवाल उठाने का प्रतीकात्मक विरोध

गया/पटना। बिहार से एक अनोखा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक और न्यायिक हलकों में हलचल मचा दी है। मानवाधिकार मामलों के चर्चित अधिवक्ता एसके झा ने एक जीवित दारोगा का गया जी में हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार श्राद्ध कर दिया। यह कदम उन्होंने प्रतीकात्मक विरोध के तौर पर उठाया है, जिससे प्रशासनिक और न्यायिक व्यवस्था की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

अधिवक्ता एसके झा ने बताया कि संबंधित दारोगा पर गंभीर आरोप होने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि जब कानून के रक्षक ही कानून का पालन नहीं करें और पीड़ितों को न्याय न मिले, तो ऐसी व्यवस्था को ‘मृत’ मानना ही उचित है। इसी भावना के तहत उन्होंने गया जी में पिंडदान और श्राद्ध कर्म कर यह संदेश देने का प्रयास किया।

यह घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया और कानूनी गलियारों में बहस तेज हो गई है। कुछ लोग इसे व्यवस्था के खिलाफ साहसिक और प्रतीकात्मक विरोध बता रहे हैं, तो वहीं कुछ इसे कानून व्यवस्था की मर्यादा से जुड़ा मामला मान रहे हैं।

फिलहाल प्रशासन की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। वहीं, अधिवक्ता एसके झा का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को अपमानित करना नहीं, बल्कि सिस्टम की खामियों को उजागर करना है।

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