बिहार विधानसभा के बजट सत्र 2026 के दूसरे दिन सदन में उस वक्त दिलचस्प और गर्मागर्म माहौल बन गया, जब सत्ताधारी दल जदयू की गायघाट विधायक कोमल सिंह ने अपनी ही सरकार के खेल विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए। प्रश्नकाल के दौरान मुजफ्फरपुर जिले के जारंग और अथवारा पंचायत में स्टेडियम निर्माण को लेकर विभाग की ओर से दिए गए जवाब को विधायक ने सिरे से खारिज कर दिया।
कोमल सिंह ने सदन में कहा कि जिन स्थानों को खेल विभाग द्वारा स्टेडियम बताया जा रहा है, वहां जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है। उनके अनुसार वहां केवल स्कूलों के खाली मैदान मौजूद हैं, जहां न तो आधुनिक खेल सुविधाएं हैं और न ही खिलाड़ियों के लिए कोई बुनियादी व्यवस्था। विधायक ने इसे सरकारी कागज़ों और वास्तविकता के बीच बड़ा अंतर बताते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
विधायक के तीखे आरोपों पर खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने सदन में जवाब देते हुए विभाग का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि संबंधित स्थानों पर फुटबॉल स्टेडियम का निर्माण जीओ-टैगिंग तकनीक के माध्यम से किया गया है। मंत्री ने दावा किया कि विभाग के पास निर्माण से जुड़े पुख्ता दस्तावेज और तस्वीरें मौजूद हैं, जो सरकारी दावों की पुष्टि करते हैं।
बहस के बढ़ते तेवर को देखते हुए खेल मंत्री ने बीच का रास्ता निकालते हुए विधायक कोमल सिंह को साइट विजिट कराने और उनके सुझावों के आधार पर कमियों को दूर करने का आश्वासन दिया। इसके बाद सदन का माहौल शांत हुआ।
सत्ता पक्ष की दो युवा और शिक्षित महिला नेताओं के बीच हुई यह बहस विधानसभा में दिनभर चर्चा का विषय बनी रही और इसे सरकार के भीतर जवाबदेही और पारदर्शिता की मिसाल के रूप में भी देखा गया।
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