समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए तीखा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव आयोग स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर सकता, तो उसे अपनी इमारत पर सीधे भाजपा का झंडा लगा देना चाहिए।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि फॉर्म-7 के माध्यम से बड़े पैमाने पर मतदाता सूची से वोट हटाने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताते हुए कहा कि यह प्रक्रिया पारदर्शिता के पूरी तरह खिलाफ है और इसका इस्तेमाल चुनावी लाभ के लिए किया जा रहा है।
सपा अध्यक्ष ने चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने के लिए कई सुझाव भी दिए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया को पूरी तरह स्टैंडर्डाइज्ड फॉर्म के तहत लाया जाए, हर स्तर पर सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सुनिश्चित की जाए और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक के जरिए सत्यापन किया जाए, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।
अखिलेश यादव ने यह भी मांग की कि मतदाता सूची में फर्जीवाड़ा करते हुए पकड़े जाने वाले लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में कोई लोकतांत्रिक प्रक्रिया से खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता ही लोकतंत्र की आत्मा है और यदि इस पर सवाल उठते हैं, तो इसका सीधा नुकसान जनता के विश्वास को होता है।
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