संवाद
महाशिवरात्रि भगवान शिव की आराधना का सबसे पावन पर्व माना जाता है। इस दिन भक्त व्रत रखते हैं, रात्रि जागरण करते हैं और शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, भांग और चावल अर्पित करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि सच्चे मन से की गई पूजा से भगवान शिव प्रसन्न होकर मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
चावल के साथ अर्पित करें मूंग की दाल
शास्त्रों के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर अक्षत (साबुत चावल) के साथ हरी मूंग की दाल अर्पित करना अत्यंत शुभ माना गया है। माना जाता है कि मूंग की दाल शुद्धता, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। इसे चावल के साथ चढ़ाने से घर में सुख-शांति और आर्थिक उन्नति का आशीर्वाद मिलता है।
कैसे करें अर्पण?
- सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- मंदिर या घर के पूजा स्थान पर शिवलिंग स्थापित करें।
- सबसे पहले जल और गंगाजल से अभिषेक करें।
- इसके बाद दूध, बेलपत्र और अक्षत अर्पित करें।
- फिर चावल के साथ थोड़ी-सी हरी मूंग की दाल शिवलिंग पर अर्पित करें।
- “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का 108 बार जाप करें।
क्या है धार्मिक मान्यता?
- हरी मूंग की दाल चढ़ाने से धन संबंधी परेशानियां दूर होती हैं।
- परिवार में कलह समाप्त होती है और सुख-शांति बनी रहती है।
- अविवाहित लोगों के विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।
- नौकरी और व्यापार में तरक्की के योग बनते हैं।
रखें इन बातों का ध्यान
- दाल और चावल साफ व साबुत होने चाहिए।
- पूजा में सात्विकता और श्रद्धा सबसे महत्वपूर्ण है।
- शिवलिंग पर हल्दी या सिंदूर न चढ़ाएं।
महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव की कृपा पाने का विशेष अवसर है। श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई छोटी-सी पूजा भी जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है।
धर्म और त्योहारों से जुड़ी हर खास खबर के लिए पढ़ते रहिए मिथिला हिन्दी न्यूज