राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता सुनील कुमार सिंह ने धार्मिक जुलूसों में DJ के इस्तेमाल को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि शादी-विवाह में DJ बजना “क्षम्य” है, लेकिन सरस्वती पूजा, दुर्गा पूजा और राम नवमी जैसे त्योहारों के विसर्जन जुलूसों में अत्यधिक DJ के इस्तेमाल पर रोक लगनी चाहिए।
क्या कहा सुनील कुमार सिंह ने?
उन्होंने कहा कि विसर्जन जुलूसों में 20-20 DJ लेकर चलने से हुल्लड़बाजी और अव्यवस्था की स्थिति पैदा होती है। उनका आरोप था कि ऐसे आयोजनों में कुछ राजनीतिक दलों से जुड़े लोग बढ़-चढ़कर DJ का इस्तेमाल करते हैं, जिससे कानून-व्यवस्था की चुनौती खड़ी होती है।
सुनील कुमार सिंह ने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे दहेज प्रथा और शराबबंदी को लेकर कानून बने हैं, लेकिन जमीनी हकीकत अलग है, उसी तरह DJ को लेकर भी नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
शादी-विवाह और धार्मिक जुलूस में फर्क
RJD नेता का कहना है कि शादी-विवाह निजी आयोजन होते हैं, जबकि धार्मिक जुलूस सार्वजनिक स्थल पर निकलते हैं। ऐसे में सार्वजनिक शांति, ध्वनि प्रदूषण और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए विसर्जन के समय DJ पर सख्ती जरूरी है।
राजनीतिक बयान से बढ़ी बहस
सुनील कुमार सिंह के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है। विभिन्न दलों के नेताओं और सामाजिक संगठनों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाता है और क्या आने वाले त्योहारों में DJ को लेकर कोई नई गाइडलाइन जारी की जाती है।
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