पटना: बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि शराबबंदी लागू होने से राज्य को हर साल करीब 28 से 30 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होता है। इसके बावजूद नीतीश कुमार ने बिहार में शराबबंदी लागू करने का फैसला किया।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जीवन का यह सबसे ऐतिहासिक और स्वर्णिम निर्णय है। इस फैसले का उद्देश्य समाज में शांति, पारिवारिक सुख और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
📌 सामाजिक बदलाव पर जोर
सम्राट चौधरी ने कहा कि शराबबंदी से समाज में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। विशेष रूप से महिलाओं और परिवारों को इससे राहत मिली है।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार शराबबंदी कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए लगातार कदम उठा रही है और अवैध शराब के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
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