शराबबंदी के बाद सूखे नशे का बढ़ता खतरा, डेहरी-सासाराम बन रहे तस्करी के ठिकाने


संवाद 

पटना/रोहतास: बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद सूखे नशे (ड्रग्स) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ने की चिंता सामने आ रही है। पहले जहां गांजा-भांग जैसे मादक पदार्थों की बिक्री अधिक होती थी, वहीं अब ब्राउन शुगर और हेरोइन जैसे खतरनाक ड्रग्स का कारोबार बढ़ने लगा है।

📍 डेहरी और सासाराम पर बढ़ती नजर

डेहरी-ऑन-सोन और सासाराम के शहरी क्षेत्रों को लेकर आशंका जताई जा रही है कि यहां ब्राउन शुगर और हेरोइन कारोबार का सेफ जोन बनता जा रहा है। यहां केवल बिहार ही नहीं बल्कि झारखंड से भी नशे के सेवन करने वाले और तस्कर मादक पदार्थों की खरीदारी के लिए पहुंचते हैं।

🚨 पुलिस को मिलती रहती है सूचना

स्थानीय सूत्रों के अनुसार पुलिस को समय-समय पर अलग-अलग माध्यमों से ड्रग्स तस्करी की जानकारी मिलती रहती है। इसके बावजूद अब तक कोई बड़ा तस्कर पुलिस के हाथ नहीं लग सका है, जिससे इस नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका बनी हुई है।

⚠️ युवाओं के लिए बढ़ती चिंता

विशेषज्ञों का मानना है कि ब्राउन शुगर और हेरोइन जैसे नशे का फैलाव युवाओं के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। ऐसे में पुलिस और प्रशासन के साथ-साथ समाज को भी जागरूक रहने की जरूरत है, ताकि इस तरह के अवैध कारोबार पर रोक लगाई जा सके।


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