वैशाली से रोहित कुमार सोनू विशेष रिपोर्ट
बिहार के वैशाली जिला स्थित अनवरपुर गांव में रविवार को दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। खेलते समय एक मासूम बच्चा घर के पास बनी करीब 10 फीट गहरी शौचालय टंकी में गिर गया। बच्चे को डूबता देख उसका चाचा उसे बचाने के लिए तुरंत टंकी में कूद पड़ा, लेकिन अंदर ऑक्सीजन की कमी और जहरीली गैस की वजह से वह बेहोश होकर वहीं फंस गया।
एक-एक कर उतरे परिजन, बढ़ता गया खतरा
चाचा को बाहर नहीं निकलता देख परिवार के अन्य सदस्य भी बारी-बारी से टंकी में उतरते चले गए। कुछ ही मिनटों में कुल सात लोग उस खतरनाक टंकी के अंदर फंस गए। शोर-शराबा सुनकर ग्रामीण मौके पर जुटे और तुरंत पुलिस को सूचना दी।
ऑक्सीजन मास्क से रेस्क्यू, लेकिन 4 की जान नहीं बची
मौके पर पहुंची पुलिस ने ऑक्सीजन मास्क और सुरक्षा उपकरणों की मदद से टंकी में उतरकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। कड़ी मशक्कत के बाद सभी को बाहर निकाला गया और आनन-फानन में सदर अस्पताल, हाजीपुर ले जाया गया। डॉक्टरों ने आनंद कुमार, पंकज कुमार, राहुल कुमार और प्रियांशु कुमार को मृत घोषित कर दिया। बाकी तीन की हालत गंभीर बनी हुई है, जिनका इलाज जारी है।
शादी की खुशियों के बीच मातम
बताया जा रहा है कि मृतकों में शामिल एक युवक की शादी महज चार दिन पहले हुई थी। घर में जहां अभी शादी की रौनक थी, वहीं अब मातम पसरा है। नई नवेली दुल्हन के हाथों की मेहंदी भी नहीं सूखी थी कि उस पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घटना के बाद पूरे गांव में सन्नाटा है और अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
प्रशासन ने शुरू की जांच, सुरक्षा पर सवाल
प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इस हादसे ने ग्रामीण इलाकों में बिना ढक्कन या सुरक्षा इंतजाम के बने सेप्टिक टैंक/शौचालय टंकियों की खतरनाक हकीकत उजागर कर दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी टंकियों में मीथेन और हाइड्रोजन सल्फाइड जैसी जहरीली गैसें जमा हो जाती हैं, जिनसे कुछ ही सेकंड में बेहोशी और जान का खतरा पैदा हो सकता है।
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