बिहार में आम लोगों को राहत देने के उद्देश्य से Revenue and Land Reforms Department, Bihar ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। विभाग ने जनहित को ध्यान में रखते हुए अपने नियंत्रणाधीन सभी सैरातों में शव वाहनों को पार्किंग शुल्क से पूरी तरह मुक्त करने का निर्देश जारी किया है।
इस संबंध में विभाग के सचिव Jai Singh ने राज्य के सभी जिलों के समाहर्ताओं (डीएम) को आधिकारिक पत्र भेजकर निर्देश दिया है कि सैरातों में शव वाहनों से किसी प्रकार का पार्किंग शुल्क नहीं लिया जाए।
यह निर्णय “भूमि सुधार जन कल्याण संवाद” और Saat Nischay-3 के तहत आम नागरिकों के जीवन को सरल बनाने यानी ईज ऑफ लिविंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिया गया है। सरकार का मानना है कि अंतिम संस्कार के समय परिवार पहले से ही मानसिक और भावनात्मक रूप से बेहद कठिन दौर से गुजरता है, ऐसे में उन्हें अतिरिक्त आर्थिक बोझ से राहत मिलनी चाहिए।
निर्देश के अनुसार, सैरातों में अन्य वाहनों से पार्किंग शुल्क तभी लिया जाएगा जब वे निर्धारित पार्किंग स्थल पर खड़े होंगे।
उदाहरण के तौर पर Simaria Ghat सैरात में पार्किंग शुल्क की दरें तय की गई हैं। यहां बस जैसे बड़े और मध्यम वाहनों से 200 रुपये, चार पहिया वाहनों से 50 रुपये तथा ऑटो और ई-रिक्शा से 20 रुपये पार्किंग शुल्क लिया जाएगा। जबकि शव वाहन को पूरी तरह से इस शुल्क से मुक्त रखा गया है।
इस फैसले पर बिहार के उपमुख्यमंत्री Vijay Kumar Sinha ने कहा कि अंतिम संस्कार का समय किसी भी परिवार के लिए बेहद पीड़ादायक होता है। ऐसे समय में सरकार का प्रयास है कि लोगों को अनावश्यक आर्थिक बोझ से राहत दी जाए और उन्हें सम्मानजनक तरीके से अपने परिजन का अंतिम संस्कार करने में सुविधा मिले।
सरकार के इस फैसले को सामाजिक संवेदनशीलता से जुड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे राज्य के लाखों लोगों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलने की उम्मीद है।
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रिपोर्ट: रोहित कुमार सोनू | Mithila Hindi News