पटना: बिहार में शराबबंदी को लेकर सदन में चर्चा के दौरान रोचक स्थिति देखने को मिली। एक सदस्य द्वारा राज्य में खुलेआम शराब मिलने का मुद्दा उठाए जाने पर सभापति ने इस पर कड़ा रुख अपनाया।
जब सभापति से पूछा गया कि क्या राज्य में खुलेआम शराब मिल रही है, तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि कहीं भी खुलेआम शराब नहीं मिल रही है। उन्होंने संबंधित सदस्य से पूछा कि अगर ऐसा है तो वे बताएं कि आखिर कहां शराब मिल रही है।
सभापति ने आगे कहा कि अगर कोई यह कहता है कि खुलेआम शराब बिक रही है, तो उसे इसके ठोस प्रमाण भी देने होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि “आप बताइए कहां शराब मिल रहा है। अगर बताएंगे तो पहले आप पर ही चार्ज होगा। खुलेआम शब्द का इस्तेमाल करना ठीक नहीं है।”
सदन में इस टिप्पणी के बाद कुछ देर के लिए माहौल गंभीर हो गया और सदस्यों के बीच इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई।
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