पटना: बिहार की राजनीति में सोमवार (30 मार्च) को अचानक हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री Nitish Kumar के राज्य विधान परिषद (MLC) से संभावित इस्तीफे को लेकर सियासी चर्चाएं अपने चरम पर पहुंच गई हैं।
मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास पर लगातार बैठकों का दौर जारी है, जहां जदयू और भाजपा के वरिष्ठ नेता रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं। माना जा रहा है कि आने वाले कुछ घंटों में बड़ा राजनीतिक फैसला सामने आ सकता है।
क्या है इस्तीफे की वजह?
दरअसल, 16 मार्च को Nitish Kumar के राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद उन्हें संवैधानिक प्रावधानों के तहत 30 मार्च तक राज्य विधान परिषद की सदस्यता छोड़नी अनिवार्य है।
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के अनुसार कोई भी व्यक्ति एक साथ दो सदनों का सदस्य नहीं रह सकता।
उत्तराधिकारी को लेकर तेज अटकलें
नीतीश कुमार के इस्तीफे की संभावनाओं के बीच मुख्यमंत्री पद के उत्तराधिकारी को लेकर भी अटकलों का बाजार गर्म है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री Shahnawaz Hussain का नाम सबसे आगे चल रहा है।
सूत्रों की मानें तो हाल ही में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष Nitin Nabin ने ईद के दौरान शहनवाज हुसैन के आवास पर मुलाकात की थी, जिसे राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
क्या बदल सकता है बिहार का सियासी समीकरण?
अगर नीतीश कुमार विधान परिषद से इस्तीफा देते हैं और मुख्यमंत्री पद से भी कोई बड़ा फैसला लेते हैं, तो बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। एनडीए गठबंधन के भीतर नेतृत्व परिवर्तन की संभावना से विपक्ष भी सतर्क हो गया है।
हालांकि अभी तक आधिकारिक रूप से किसी भी तरह की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज है और सभी की नजरें आज के घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।
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