घरेलू रसोई गैस वितरण प्रणाली में बड़ा बदलाव किया गया है। अब सिलिंडर की डिलीवरी के लिए डिजिटल ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) 100% अनिवार्य कर दिया गया है। यानी बिना इस कोड के गैस सिलिंडर की डिलीवरी संभव नहीं होगी।
नई व्यवस्था का उद्देश्य वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाना और फर्जी डिलीवरी पर रोक लगाना है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि गैस सही उपभोक्ता तक ही पहुंचे।
हालांकि, इस नियम के लागू होने से गैस एजेंसियों और उपभोक्ताओं दोनों को कुछ परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा है। कई उपभोक्ताओं को समय पर डीएसी नहीं मिलने या तकनीकी दिक्कतों के कारण सिलिंडर लेने में दिक्कत हो रही है।
विभाग का कहना है कि शुरुआती समस्याओं को जल्द दूर कर लिया जाएगा और यह सिस्टम लंबे समय में उपभोक्ताओं के लिए अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक साबित होगा।
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