मां सीता मेडिकल कॉलेज, सीतापुरम टाउनशिप और 5 लाख करोड़ निवेश की घोषणा
सीतामढ़ी: आस्था और विकास का संगम बना पुनौराधाम
जानकी नवमी के पावन अवसर पर सीतामढ़ी जिले के पुनौराधाम में शनिवार को सीतामढ़ी महोत्सव-2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। पूरे क्षेत्र में भक्ति, उत्साह और उल्लास का अद्भुत माहौल देखने को मिला।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि मां जानकी की पावन जन्मभूमि पर आना उनके लिए गर्व और सौभाग्य का विषय है। उन्होंने पुनौराधाम को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की प्रतिबद्धता दोहराई। पहले तय जून 2029 की समय-सीमा को घटाकर अब 31 दिसंबर 2028 तक सभी विकास कार्य पूरे करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
🏥 शिक्षा, पर्यटन और शहरी विकास को मिलेगा नया आयाम
मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए बताया कि सीतामढ़ी में बन रहे मेडिकल कॉलेज का नाम “मां सीता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल” रखा जाएगा। इसके साथ ही ‘सीतापुरम’ नामक एक आधुनिक टाउनशिप बसाने की योजना को भी मंजूरी मिल चुकी है, जो जिले के शहरी विकास को नई दिशा देगा।
उन्होंने यह भी कहा कि मां जानकी से जुड़े सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों को पुनौराधाम से जोड़ा जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को एकीकृत धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव मिल सके। इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि यह क्षेत्र शोध और अध्ययन का भी प्रमुख केंद्र बन सकेगा।
💰 उद्योग और रोजगार के लिए बड़ा विजन
राज्य के समग्र विकास पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार में तेजी से औद्योगिक विस्तार हो रहा है। पीरपैंती और नवीनगर थर्मल पावर प्लांट जैसी परियोजनाओं में 1.36 लाख करोड़ रुपये का निवेश शुरू हो चुका है, जबकि अगले एक वर्ष में कुल 5 लाख करोड़ रुपये निवेश का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने विश्वास जताया कि इन योजनाओं से राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और लोगों का पलायन कम होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सब मां जानकी के आशीर्वाद से संभव हो रहा है और राज्य सरकार के विकसित भारत के विजन तथा की समृद्ध बिहार की परिकल्पना को आगे बढ़ा रही है।
जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की रही अहम भागीदारी
कार्यक्रम में सांसद देवेश चंद्र ठाकुर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, विधायक सुनील कुमार पिंटू सहित कई जनप्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे। जिलाधिकारी ऋचि पांडेय ने स्वागत भाषण देते हुए मुख्यमंत्री को प्रतीक चिन्ह एवं पौधा भेंट कर सम्मानित किया।
इस मौके पर केंद्रीय राज्य मंत्री सहित कई विधायक, विधान पार्षद, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
👉 कुल मिलाकर, सीतामढ़ी महोत्सव-2026 का यह आगाज़ न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि जिले के विकास और भविष्य की नई दिशा भी तय करता नजर आया।